देशशहर

नीमच से 23 दिसंबर को निकली भक्तों की टोली 2 जनवरी को पहुंची राजस्थान के सुप्रसिद्ध तीर्थ नाकोडा दरबार मेवानगर

11 दिन में कुल 8 भक्तों द्वारा 450 किमी की पदयात्रा सफलतापूर्वक संपन्न

नीमच 6 जनवरी 2026

नीमच जिले से नाकोड़ा जी तीर्थ तक आठ श्रद्धालुओं की एक टोली द्वारा की गई ऐतिहासिक पदयात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण हुई। यह पदयात्रा लगभग 450 किलोमीटर लंबी रही, जिसे श्रद्धालुओं ने 11 दिनों में पूर्ण किया। इस दौरान प्रतिदिन लगभग 35 से 45 किलोमीटर की दूरी केवल पैदल चलकर तय की गई। पूरी यात्रा भक्ति, अनुशासन और संकल्प का अद्भुत उदाहरण रही।
यह पदयात्रा जैन धर्म के प्रमुख तीर्थ श्री नाकोड़ा पारसनाथ भगवान के दर्शन हेतु की गई। नाकोड़ा जी जैन समाज का एक अत्यंत पावन और प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है, जहाँ भगवान पारसनाथ की प्राचीन और चमत्कारी प्रतिमा विराजमान है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई यहां की गई आराधना से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में शांति व सद्मार्ग की प्राप्ति होती है।
नाकोड़ा जी तीर्थ श्री नाकोड़ा भैरव जी के लिए भी विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिन्हें तीर्थ के रक्षक देव के रूप में पूजा जाता है। देशभर से श्रद्धालु भैरव जी के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं। कहा जाता है कि भैरव जी अपने भक्तों की शीघ्र सुनवाई करते हैं और उन्हें साहस, सुरक्षा तथा आत्मबल प्रदान करते हैं।
पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने अनुशासन, संयम और धार्मिक मर्यादाओं का पालन करते हुए पदयात्रा को सफल बनाया। नाकोड़ा जी पहुंचने पर सभी यात्रियों ने भगवान पारसनाथ एवं भैरव जी के दर्शन कर यात्रा के सफल समापन पर कृतज्ञता प्रकट की एवं नाचते गाते भगवान को छप्पन भोग अर्पण किया।

पदयात्रा में अरविंद जैन, रोहित जैन, नीलेश पीपाड़ा, प्रवीण नागौरी, हितेश नागौरी, संजय कांठेड़, विकास जैन, अभिनव जैन कुल 8 भक्तों ने सहभागिता की, यह पदयात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था, संकल्प और भक्ति की प्रेरणा बनेगी।

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