
नीमच 23 जनवरी 2026,
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी नीमच श्री बी.एस. कलेश के निर्देशन में वन स्टॉप सेन्टर (सखी) नीमच का संचालन किया जा रहा है। यह वन स्टाप सेंटर पीडित महिलाओं के लिए आश्रय का सहारा बन रहा है। जिला महिला बाल विकास अधिकारी सुश्री अंकिता पंड्या ने बताया, कि महिला संगीता को तीर्थ यात्रा करवाने के बहाने से जिला भागलपुर बिहार से ग्राम सरवानिया महाराज तहसील जावद जिला नीमच लाया गया। महिला को डरा धमकाकर विवाह के लिये लड़को व उनके परिवार से मिलवाया जा रहा था। परिवर्तित नाम हंसा व उसका पति बिहार से लड़कियों को बुलाकर पैसो के बदले विवाह करवाने का काम करते है। महिला संगीता एक दिन मौका पाकर हंसा व उसके पति के घर से भाग निकली, मौहल्ले वालो की मदद् से महिला सरवानिया चौकी पहुँची।
महिला पुलिस थाने द्वारा अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी के आदेश से महिला संगीता को सुरक्षा की दृष्टि से वन स्टॉप सेन्टर सखी की आश्रय व्यवस्था में रखा गया। महिला को वन स्टॉप सेन्टर में आश्रय, चिकित्सा, परामर्श व पुलिस सहायता दी गई। महिला संगीता के परिवार का पता लगाने में वन स्टॉप सेन्टर सखी की प्रभारी प्रशासक श्रीमती दिपिका नामदेव एवं उनकी टीम तथा स्टॉफ और पुलिस प्रशासन ने प्रयास करके महिला के परिजनों के निवास स्थल का पता लगाया और उन्हें उनकी बच्ची के वन स्टॉप सेन्टर सखी में सुरक्षित होने की सूचना दी। महिला के परिजनों को बिहार से नीमच बुलाया गया।
अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी महोदय के आदेश के पश्चात महिला संगीता को पुलिस के सुर्पुद किया गया, ताकि महिला संगीता की माता की शिनाक्त के पश्चात महिला संगीता को उसकी माता के सुर्पुद किया जा सके। इस तरह वन स्टॉप सेन्टर (सखी) नीमच महिला पीड़ित परिवर्तित नाम महिला संगीता का अंजान शहर में एक सुरक्षित सहारा बना है।



