
नीमच 5 जनवरी 2026,
जल स्रोतों और जल पक्षियों के संरक्षण को मजबूत बनाने मध्य प्रदेश में पहली बार एशियन वाटर बर्ड गणना (एडब्ल्यूसी) के तहत नीमच में तीन और चार जनवरी 2026 को वन विभाग और नीमच बर्ड्स ग्रुप ने जलीय पक्षी सर्वेक्षण व गणना कार्य संपन्न किया।
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वनमंडलाधिकारी श्री एस.के.अटोदे के निर्देशन व एसडीओ फॉरेस्ट नोडल ऑफिसर श्री दशरथ अखंड के नेतृत्व में सिटीजन साइंस को बढ़ावा देने नीमच बर्ड्स ग्रुप के पक्षी विज्ञानी एवं पक्षी प्रेमियों के साथ यह कार्य पूर्ण हो रहा है। इस सर्वेक्षण में विशेष रूप से प्रवासी पक्षी की दुर्लभ प्रजाति ग्रेट व्हाइट पेलिकन जो अपनी बड़ी चोंच और विशाल नीचे लटकती थैली के लिए जाना जाता है के साथ, कॉमन टील, रूडिशल डक की उपस्थिति दर्ज की गई। साथ ही रेयर पक्षी ओरिएंटल डार्टर,कोरमोरेंट इग्रेट, पॉन्ड हैरान, पर्पल और ग्रे हेरॉन, लेसर विसलिंग डक, यूरेशियन कूट, नॉब बिल्ड डक, स्टिल्ट, रिवर टर्न, इंडियन स्पॉट बिल्ड डक, ग्रीब, आईबीस, स्वंप हेन, स्टोरक की प्रजातियां देखी गई । साथ ही आसपास के क्षेत्र में विशेषतः प्रवासी पक्षी हमस वारब्लर, रेड ब्रेस्टेड फ्लाइकेचर, साइबेरिया स्टोनचैट, थिक नी, सारस क्रेन, एशियाई बॉर्न आउल, स्पॉटेड आउल, टाउनी पीपीट, वैगटेल देखे गए।
वन विभाग के कर्मचारियों के साथ शहर के नीमच बर्ड्स ग्रुप के पक्षी विशेषज्ञ डॉ.साधना सेवक, श्री इंद्रजीत सिंह, निकिता यादव, अनमोल यादव, अक्षय यति,अजय धाकड़ अंजली शर्मा ने नेतृत्व किया और साथ में पहली बार भागीदारी कर रहे जाजू कॉलेज, पीजी कॉलेज के वॉलिंटियर्स ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम सर्वेक्षण 3 जनवरी को शहर के प्रमुख वेटलैंड्स हमीरिया तालाब, शिवाजी सागर डेम, ठीकरिया तालाब, जीरन, हरवार तालाब, हरकीया खाल डेम, चैनपुरा डेम, घसुंडी में किया गया। दिनांक 4 को यह सर्वेक्षण जिले के आंतरिक दूरस्थ वेटलैंड्स किरता तालाब, लासूर बांध, श्रीपुरा, कनपुरिया तालाब, जावी तालाब, अमरतीया तालाब, लासूर, में किया जा रहा है। यहां पक्षी प्रेमी प्रिंस शर्मा ने अमरतिया तालाब में 35 प्रजाति, साक्षी शर्मा, निकिता यादव ने लासूर बांध पर 43 प्रजातियां सर्वेक्षण में पाई।
नीमच बर्ड्स की डॉ.साधना सेवक ने वन विभाग के अधिकारीगण, रेंजर्स व अन्य सहयोगियों के पूर्ण सहयोग से नीमच बर्ड्स के पक्षी प्रेमी हरीश भाटी, साक्षी, कुसुम , भाग्यश्री पंवार, निर्मला प्रजापति, भूपेंद्र, जयराज, कुमकुम, मधुबाला, सभी ने उत्साह और रुचि से कम समय में पक्षी पहचानना और ई बर्ड ऐप में डेटा संधारित करने का प्रशिक्षण लेकर नीमच के जलीय पक्षी गणना के कार्य को सफल बनाने पर आभार प्रदर्शित किया।


