देशशहर

अधिकाधिक किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करें-श्री चंद्रा

कलेक्‍टर ने ए.पी.सी.समूह में शामिल विभागों की समीक्षा की

नीमच 17 अप्रेल 2026,

जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 10 कलस्‍टरों में 125-125 कुल 1250 किसानों को खरीफ में प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए तैयार किया गया है। यह किसान आगामी खरीफ से प्राकृतिक खेती करेंगे। जिले के अधिकाधिक किसानों को प्रेरित कर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे। यह निर्देश कलेक्‍टर श्री हिमांशु चंद्रा ने शुक्रवार को कलेक्‍टोरेट सभाकक्ष नीमच में ए.पी.सी.समूह में शामिल विभाग कृषि, उद्यानिकी, आत्‍मा, पशुपालन, डेयरी, मत्‍स्‍य, पशुपालन आदि विभागों की मासिक विभागीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्‍णव सहित विभागीय जिला अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्‍टर ने दुग्‍ध संघ अधिकारियों को दुग्‍ध उत्‍पादक पशुपालकों की संख्‍या बढ़ाने, नवीन दुग्‍ध समितियां गठित करने और नये मिल्‍क रूट तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया, कि वर्तमान में दुग्‍ध संघ द्वारा जिले में 19942 लीटर दुग्‍ध संकलन किया जा रहा है। कलेक्‍टर ने मत्‍स्‍य विभाग को नवीन अमृत सरोवर एवं तालाबों में मत्‍स्‍य पालन करवाने और नवीन मत्‍स्‍य समितियां गठित करने के निर्देश भी दिए। उन्‍होने 200 नये मत्‍स्‍य पालकों को के.सी.सी. एक माह में जारी करवाने के निर्देश भी मत्‍स्‍य विभाग को दिए है।

कृषि विभाग की समीक्षा में कलेक्‍टर ने सोयाबीन किसानों को सोयाबीन की बजाय अन्‍य फसलों का रकबा बढ़ाने के विशेष प्रयास करने, किसानों को जागरूक कर चिया सीड़स, किनोवा व पिक किनोवा की फसल लेने के लिए प्रेरित करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। अधिकाधिक खेतो का मिट्टी परीक्षण करवाकर, परिणाम के आधार पर उर्वरक का उपयोग करने हेतु किसानों को जागरूक करने के निर्देश भी कृषि विभाग को दिए गये।

उर्वरक की मांग उपलब्‍धता और वितरण की समीक्षा में कलेक्‍टर ने निर्देश दिए, कि कृषि विभाग सुनिश्चित करें, कि किसानों को शासन द्वारा निर्धारित मूल्‍य पर ही उर्वरक का विक्रय हो, यदि कोई तय कीमत से अधिक कीमत पर विक्रय करता है, तो उसके विरूद्ध सख्‍त कार्यवाही की जाए। कलेक्‍टर ने नीमच, जावद एवं मनासा की नर्सरियों का संचालन स्‍व-सहायता समूह के माध्‍यम से करवाने और एक मई से नर्सरी का कार्य प्रांरभ करवाने के निर्देश भी उप संचालक उद्यानिकी को दिए है।

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