
नीमच 30 जनवरी 2026,
जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित हो। प्रत्येक गर्भवती महिला के सुरक्षित प्रसव की आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध रहे। उच्च जोखिमपूर्ण महिलाओं को अतिरिक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाए। उक्त निर्देश कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने जिला स्वास्थ्य समिति की गुरूवार को आयोजित बैठक में स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपस्थित शासकीय चिकित्सकों को दिए।
बैठक में श्री चंद्रा ने निर्देशित किया, कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रत्येक हितग्राही को उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए महिलाओं का गर्भावस्था के प्रथम त्रैमास में पंजीयन सुनिश्चित करें। उन्होने कहा, कि हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उच्च जोखिम के लक्षणों के आधार पर महिलाओं का चिंहाकन कर, उनको आवश्यकतानुसार आयरन सुक्रोज इजेंक्शन एफसीएम इन्जेक्शन तथा ब्लड ट्रांसफ्यूजन कराना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उक्त उक्तचाप महिला का चिंहाकन कर उसका प्रबंधन भी करे। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आर.के.खद्योत, सिविल सर्जन डॉ.महेन्द्र पाटील, डीएचओ डॉ. बी.एल.सिसोदिया, डीपीओ सुश्री अंकिता पंड्या उपस्थित थी।
बैठक में कलेक्टर श्री चंद्रा ने स्वास्थ्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों की सेक्टरवार समीक्षा की। तथा विगत बैठक के पश्चात कार्य में सुधार लाने वाले मेडिकल आफिसर की सराहना की गई तथा निम्न प्रदर्शन करने वाले चिकित्सकों, सीएचओ को कार्य में सुधार एवं प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक माह में दो बार अति उच्च जोखिम गर्भवती महिलओं का सीएचसी एवं सिविल हास्पीटल पर परीक्षण आवश्यक रूप से करें। इस कार्य में जो भी लापरवाही करने वाले शासकीय सेवकों/ चिकित्सकों के विरूद्ध कार्यवाही करें। कलेक्टर ने सीएमएचओ को निर्देशित किया, कि समस्त चिकित्सक पैरामेडिकल, स्टाप अपना व्यवहार सयमित रखते हुए समस्त स्वास्थ्य संस्था में आवश्यकतानुसार 24 घंटे सेवाएं प्रदान करें। साथ ही यह सुनिश्चित हो, कि समस्त आवश्यक दवाई, उपकरण, जांच मरीजों को सुगमता से उपलब्ध हो।



