कलेक्टर श्री चंद्रा के मार्गदर्शन में जिले की गौशालाओं में किया जा रहा है गौ-संवर्धन के लिए नवाचार
नीमच 20 जनवरी 2026,
जिले की 32 पंजीकृत गौशालाओं में लगभग 8000 से अधिक गौवंश है तथा इनके माध्यम से गौवंश संरक्षण का कार्य किया जा रहा हैं। अब इनको गोवंश संवर्द्धन का माध्यम भी बनाया जा रहा है।
कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा के निर्देशन में जिले की 9 चयनित गौशालाओं में 200 गौवंश को चिन्हित कर वैज्ञानिक विधि से उनके प्रजनन चक्र को नियंत्रित कर एक रूप में लाया गया है तथा सभी को 18 एवं 19 जनवरी को एक साथ गीर नस्ल का सेक्स सार्टेड सीमन लगाया गया हैं।
उपसंचालक डॉ.राजेश पाटीदार ने बताया, कि यह प्रदेश में पहला विशेष नवाचार किया है, जो गोवंश उत्पादन न रहने से निराश्रित होकर गोशालाओ में आई है उन्हें पुनः उत्पादक बनाया जा सके।
पशुपालन विभाग इसके लिए एक माह से तैयारी कर रहा है, जिसके तहत गौशालाओं तथा गौवंश का चिन्हाकन, गौवंश को पृथक बाड़े में रखने, गायों को डीवर्मिंग की गोली देकर मीनरल मीक्चर तथा पशु आहार उचित मात्रा में प्रारम्भ करवाया गया है। इसके पश्चात 9 दिन में तीन बार वैज्ञानिक विधि द्वारा जीपीजी प्रोटोकॉल के माध्यम से इस्ट्स सिन्क्रोनाईजेश किया गया है। इसके उपरान्त 10वे एवं 11वें दिन दो बार कृत्रिम गर्भाधान किया गया, ताकि गर्भधारण की दर बढे़।
डॉ.राजेश पाटीदार ने बताया उक्त कार्य में गौशाला संचालकों तथा पशु चिकित्सा विभाग के अमले का सराहनीय योगदान रहा है और यदि इसके माध्यम से 50 प्रतिशत गोवंश में भी सफलता मिलती है, तो जिले की समस्त गौशालाओं में उनके संचालको से समन्वय कर, इस तकनिकी को बढ़ाया जायेगा, ताकि गौशालाओं को नस्ल सुधार के साथ-साथ गौवंश सवंर्धन का माध्यम बनाया जा सके।



