
नीमच, 15 मार्च 2026
विश्व हिन्दू परिषद् द्वारा संचालित श्री गौधाम बालाजी मंदिर (रजि.) पर 2 अप्रेल को हनुमान जन्मोत्सव भव्यता से मनाया जाएगा। चार दिवसीय कार्यक्रमों की रूपरेखा तय कर ली गई है। कार्यक्रमों की श्रृंखला में 30 मार्च को भव्य ध्वज यात्रा, 31 मार्च को भजन गायक नवीन वैष्णव (मंशापूर्ण म्यूजिकल ग्रुप प्रतापगढ) की भजन संध्या, 1 अप्रैल को बालाजी के अभिषेक के बाद अष्टोत्तर शत् श्री रामरक्षा स्त्रोत यज्ञ में आहुति दी जाएगी। संकट मोचक के जन्मदिवस 2 अप्रैल को जन्म आरती व सतकुंडीय यज्ञ होगा। सांध्यवेला में महाआरती- ढोल-ढमाकों और आतिशबाजी के साथ होगी। आरती पश्चात् 71 किलो मिल्क केक व बूंदी के लड्डू का प्रसाद वितरण का क्रम चलेगा। इस बीच पूर्णिमा उत्सव के तहत संगीतमय सुंदरकांड की स्वर लहरी भी वातावरण को हनुमानमय बनाएगी।
जानकारी देते हुए समिति अध्यक्ष श्री सुन्दरलाल बंसल ने बताया कि कार्यक्रमों को भव्यता से मनाने तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। चार दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य ध्वज यात्रा से होगा। नया बाजार स्थित बड़े बालाजी मंदिर से 30 मार्च सायं 4.30 बजे ढोल-ताशे, डीजे, बैंडबाजे, घोड़ा गाड़ी सहित पारंपरिक वेशभूषा में जयघोष करती जनमैदिनी के साथ ध्वजयात्रा नगर के प्रमुख मार्ग- नयाबाजार, घंटाघर, सराफा बाजार होती हुई श्री गोधाम बालाजी मंदिर पहुंचेगी। यात्रा का प्रमुख आकर्षण ढोल-ताशा पार्टी, स्वांगधारी बाल-गोपाल की झांकी और डीजे के साथ पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य के साथ ध्वज लहराती मातृशक्ति और पुरूष वर्ग की टोली रहेगी। 31 मार्च को गौधाम बालाजी मंदिर परिसर पर सायं 7.15 बजे भजन गायक नवीन वैष्णव प्रतापगढ की भजन संध्या का आयोजन रखा गया है।
जन्मोत्सव वेला के पूर्व 1 अप्रैल को प्रात: 9.15 बजे पुरूष वर्ग द्वारा परंपरानुसार बालाजी का अभिषेक किया जाएगा। इसी दिन दोपहर 12.15 बजे से अष्टोत्तर शत् श्री रामरक्षा स्त्रोत यज्ञ होगा। 2 मार्च को प्रात: 6 बजे जन्म आरती की जाएगी। पश्चात् प्रात: 7 बजे से सात कुंडीय यज्ञ मंदिर परिसर पर होगा। इस दौरान मंदिर परिसर को आकर्षक रूप देने के साथ पुष्पों से आकर्षक श्रृंगार भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। 2 अप्रैल को सायंकाल 7 बजे गोधाम बालाजी की महाआरती ढोल-ढमाकों, शंखध्वनि के साथ की जाएगी। आरती बाद बाबा को 71 किलो मिल्क केक व लड्डू का भोग लगाकर प्रसाद वितरण होगा। इस दौरान आतिशबाजी के नजारे भी दिखाई देंगे। महाआरती बाद पूर्णिमा उत्सव की श्रृंखला के तहत भव्य संगीतमय सुंदरकाण्ड पाठ मंदिर परिसर पर रखा गया है। चार दिवसीय कार्यक्रमों को भव्यता से संपन्न कराने समिति ने तैयारियां प्रारंभ कर दी है।

