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पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संदेश के साथ गौकाष्‍ठ आधारित होलिका दहन का उत्‍सव मनाए

होलिका दहन में उपलों एवं गोकाष्‍ठ का उपयोग करें

नीमच 03 मार्च 2026,

राज्‍य शासन द्वारा इस वर्ष पर्यावरण और सामाजिक संदेश के साथ आपसी मतभेदों को मिटाकर, भाईचारे, सामाजिक एकता और हर्षोल्‍लास के साथ होली का त्‍यौहार मनाने का नागरिकों से आव्‍हान किया गया है। इस संबंध में जारी पत्र में कहा गया है, कि जनसहयोग एवं सामाजिक सहभागिता के माध्‍यम से यह प्रयास किया जाए, कि होलिका दहन में लकड़ी की जगह उपलों और गौकाष्‍ठ का प्रयोग हो। साथ ही पर्यावरण सरंक्षण और पानी बचाने के लिए प्राकृतिक व हर्बल रंगों से होली खेलने तथा पशु-पक्षियों पर रंग न डालने के संकल्‍प के साथ हुड़दंग से दूर रहकर भाईचारे के साथ होली का उत्‍सव मनाने का आव्‍हान किया गया हैं।

शासन द्वारा विशेष रूप से लकड़ी की जगह उपलों और गौकाष्‍ठ के प्रयोग को बढ़ावा देने जिले में विभिन्‍न स्‍तरों पर आयोजित किए जाने वाले सार्वजनिक होलिका दहन कार्यक्रम का नि:शुल्‍क पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह पंजीयन सभी जिला मुख्‍यालयों में पंचायत तथा अन्‍य स्‍थानों पर तहसील तथा नगरीय निकायों के माध्‍यम से पूर्णत: नि:शुल्‍क किया जाएगा।

होलिका दहन के दिन मैदानी अमले के साथ स्‍थानीय संस्‍थाओं द्वारा आयोजित सार्वजनिक होलिका दहन आयोजनों का भ्रमण कर जलाऊ एवं इमारती वनों की लकड़ी के स्‍थान पर गौकाष्‍ठ आधारित होलिका दहन को प्रोत्‍साहित किया जाएगा। होलिका दहन का आयोजन पूर्ण रूपेण गौकाष्‍ठ आधारित होने के आगामी दो-तीन दिवस में संबंधित नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के संबंधित अधिकारी, कर्मचारी द्वारा प्रमाणीकरण कर प्रस्‍तुत किया जाएगा। जिला कलेक्‍टर जिले में इस प्रकार के गौकाष्‍ठ आधारित होलिका दहन आयोजन का सूचीकरण करेंगे। राज्‍य शासन के निर्देशानुसार आगामी दिनों में निर्धारित दिनांक या अवधि में सभी जिला मुख्‍यालयों में जिला स्‍तरीय सम्‍मान समारोह आयोजित किया जाएगा। जिले में स्‍वच्‍छ और स्‍वस्‍थ्‍य होली के इस अभियान में सभी से सहभागी बनने का आव्‍हान किया गया हैं।

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