
नीमच 16 दिसम्बर 2025,
जिले में एक जनवरी से प्रारंभ हो रहे एम.एफ.डी.अभियान के साथ के.सी.सी.से शेष रहे सभी पशुपालकों का सर्वे करवाकर सूचीबद्ध करें और उनके के.सी.सी.प्रकरण तैयार कर, उन्हें के.सी.सी.जारी करवाएं। नीमच जिले को पशुपालन के.सी.सी. में सेचुरेटेड करें। कोई भी पशुपालक के.सी.सी.के लाभ से वंचित ना रहे। यह निर्देश कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में पशुपालन विभाग की विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए दिए।
बैठक में जिला पंचायत सी.ई.ओ.श्री अमन वैष्णव, उप संचालक पशुपालन डॉ.राजेश पाटीदार सहित सभी शासकीय पशु चिकित्सक, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राअधिकारी एवं मैत्री कार्यकर्ता उपस्थित थे। पशुओं में नस्ल सुधार के लिए चलाए जा रहे कृत्रिम गर्भाधान अभियान की प्रगति की समीक्षा में कलेक्टर ने सेक्टरवार समीक्षा की। उन्होने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए, कि वे एक माह में वार्षिक लक्ष्य की शतप्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित कर, कृत्रिम गर्भाधान का कार्य पूर्ण करें। इसके लिए कलेक्टर ने विशेष अभियान के रूप में कार्य करने के निर्देश मैदानी अमले को दिए।
कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ए.वी.एफ.ओ. की सराहना की और न्यूनतम प्रगति वाले ए.वी.एफ.ओ.के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने ए.वी.एफ.ओ.श्री रवि भाभर, रामपुरा कंजार्डा के ए.वी.एफ.ओ. एवं नीमच के ए.वी.एफ.ओ.श्री सुनील मण्डलोई को कृत्रिम गर्भाधान में असंतोषजनक प्रगति पर एक माह में सुधार लाने हिदायत दी। कलेक्टर ने बगैर अवकाश स्वीकृति व सूचना के बैठक में अनुपस्थित रतनगढ की ए.वी.एफ.ओ.सुश्री आरती रावत की प्रगति भी असंतोषजनक पाए जाने और बैठ में अनुपस्थिति पर निलंबित करने के निर्देश उप संचालक पशुपालन को दिए। उन्होने विभागीय हितग्राहीमूलक योजनाओं में भी शतप्रतिशत लक्ष्यपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान के तहत 17 दिसम्बर से प्रारंभ हो रहे गृहभेट अभियान के तहत सभी विभागीय लक्ष्यों को पूर्ण करवाने के निर्देश भी दिए।
मैत्री एंव मैदानी कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र वितरित
बैठक में कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान में तीनों विकासखण्डों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पांच-पांच मैत्री कार्यकर्ताओं, ए.वी.एफ.ओ. एवं पशुचिकित्सकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर, सम्मानित भी किया।



